खेल किताब-ए-मुक़द्दस की रौशनी में

स्टूअर्ट वेर

खेल किताब-ए-मुक़द्दस की रौशनी में

किताब-ए-मुक़द्दस खेल के बारे में क्या फ़रमाती है? क्या मसीही को खिलाड़ी बनने या इत्वार को खेलने की इजाज़त है? मुसन्निफ़ फ़रमाते हैं कि खेल हमें गवाही देने के बेशुमार मौके़ फ़राहम करता है। साथ साथ वह दिखाते हैं कि खेल के ज़रीए हम ख़ुश-ख़बरी दूसरों तक किस तरह पहुँचा सकते हैं।