ज़िंदा कलाम 2: क़ुरबत या दूरी? गुनाह का आग़ाज़
बख़्तुल्लाह
ख़ुदा ने इनसान को अपनी सूरत पर बनाया। इस का क्या मतलब है? उस ने इनसान को यों बनाया कि वह ख़ूदा के क़रीब रहे। हम इस क़ुरबत के बारे में 3 बातें सीखते हैं~:
क़ुरबत तब रिश्ता।
क़ुरबत तब सुकून।
क़ुरबत तब यगांगत।
जब इनसान ख़दा से दूर हो जाता है तो 4 नतीजे निकलते हैं:
दूरी तब ग़लतियाँ।
दूरी तब ग़ुरूर।
दूरी तब शर्म, डर और बहानाबाज़ी।
दूरी तब मुसीबतें।
दूरी तब सुकून ख़त्म।
