ज़िंदा कलाम 6: टूटे हुए रिश्तों की बहाली. हज़रत यूसुफ़ और उस के भाई
बख़्तुल्लाह
हम इससे किस तरह बच सकते हैं कि ख़ानदानी रिश्ते टूट जाएँ? रिश्ते किस तरह बहाल हो जाते हैं? हज़रत यूसुफ़ की ज़िंदगी से मालूम होता है कि रिश्ते फिर से किस तरह जुड़ सकते हैं। हम ख़ासकर 5 बातें सीखते हैं~:
नफ़रत को जड़ से उखाड़ो।
मुसीबत में वफ़ादार रहो।
तब बरकत मिलेगी।
मुसीबत में अच्छी तबदीली होने दो।
ख़ुदा बुराई से भलाई पैदा करेगा।
