ख़ज़ाना-ए-कामिल: मैं क्यूँ अल-मसीह का पैरोकार हो गया

इमाम-उद-दीन

ख़ज़ाना-ए-कामिल:  मैं क्यूँ अल-मसीह का पैरोकार हो गया

इमाम-उद-दीन पंजाबी ज़बूर के शाइर हैं। इस किताबचे में वह बयान करते हैं कि वह किस तरह और क्यूँ हज़रत ईसा के पैरोकार हो गए।