राह-ए-कामिल: मैं क्यूँ अल-मसीह का पैरोकार हो गया

सुलतान मुहम्मद पाल

राह-ए-कामिल:  मैं क्यूँ अल-मसीह का पैरोकार हो गया

मशहूर-ओ-मारूफ़ मदरिसों में आला तालीम हासिल करने के साथ साथ सुलतान मुहम्मद पाल दिफ़ा-ए-इस्लाम के बड़े शौक़ीन थे। इस सिलसिले में उन्हों ने ईसाइयों के साथ लातादाद मुबाहिसे मुनअक़िद किए। इस किताबचे में वह बयान करते हैं कि वह इस के बावजूद क्यूँ और किस तरह हज़रत ईसा के पैरोकार हो गए।