जान्नत और नजात का रास्ता

दान्याल वहेली / मेट यू

जान्नत और नजात का रास्ता

ज़िन्दगी में सब से अहम सवाल यह है कि मरने के बाद हमारी मन्ज़िल-ए-मक़्सूद क्या होगी? इस किताब में नजात की राह यूँ बयान की जाती है कि मुसलमान साहिबान को भी समझ आए। तख़्लीक़ से शुरू करके अल-मसीह और उन की जमाअत से इख़्तिताम तक पहूंच कर मुसन्निफ़ ईमान की मर्कज़ी बातें पेश करते हैं। किताब की एक ख़ूबी वह अमली बातें है जो आखिरी अब्वाब में पेश की जाती हैं।